Rajasthan 4th Grade Balance Result 2026: 47,411 पद कब?

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Rajasthan 4th Grade Balance Result 2026: 47,411 पद कब?

🔄 Last Updated: 23 अगस्त 2026  |  📖 पढ़ने का समय: 9 मिनट
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🔴 ताज़ा अपडेट — 23 अगस्त 2026: खंडपीठ ने 25 जुलाई 2026 को एकलपीठ के आदेश पर अंतरिम रोक लगाई — प्रतिवादियों से छह सप्ताह में जवाब माँगा गया। अगली प्रभावी सुनवाई सितंबर 2026 के बाद अपेक्षित।
सीधी बात: राजस्थान चतुर्थ श्रेणी भर्ती के लगभग 47,411 पदों का बचा हुआ परिणाम इसलिए अटका है क्योंकि 22 मई 2026 को हाईकोर्ट की एकलपीठ ने “शून्य अंक पर चयन” वाली मेरिट सूचियाँ रद्द कर दी थीं। राज्य सरकार अपील में गई और 25 जुलाई 2026 को खंडपीठ ने उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। अब जब तक खंडपीठ अंतिम फ़ैसला नहीं देती, बोर्ड शेष परिणाम जारी नहीं कर सकता।
चतुर्थ श्रेणी भर्ती — कोर्ट केस का प्रवाह कोर्ट में अब तक क्या-क्या हुआ 1. एकलपीठ — 22 मई 2026 न्यायाधीश: आनंद शर्मा याचिकाकर्ता: विनोद कुमार शून्य कट ऑफ वाली मेरिट सूचियाँ रद्द न्यूनतम अंक तय करने का आदेश 2. राज्य की अपील सरकार खंडपीठ में गई महाधिवक्ता: राजेंद्र प्रसाद विशेष अपील दायर 3. खंडपीठ — 25 जुलाई जस्टिस इंद्रजीत सिंह + जस्टिस संदीप तनेजा एकलपीठ के आदेश पर अंतरिम रोक (Stay) 6 सप्ताह में जवाब माँगा यानी फ़िलहाल पुरानी मेरिट सूची पर तलवार नहीं है — पर अंतिम फ़ैसला बाकी है
जानकारी समाचार रिपोर्टों पर आधारित। अंतिम स्थिति न्यायालय के आदेश से ही तय होगी।

Balance Result आख़िर है क्या

संक्षेप में: बैलेंस रिजल्ट का मतलब है विज्ञापित 53,750 पदों में से वे पद जो अभी भरे नहीं गए। 7 अगस्त 2026 तक केवल 6,339 अभ्यर्थियों की अंतिम अनुशंसा हुई है, इसलिए लगभग 47,411 पद अब भी शेष हैं।

“बैलेंस रिजल्ट” कोई सरकारी शब्द नहीं है — यह अभ्यर्थियों का बनाया हुआ नाम है। इसका मतलब है विज्ञापित पदों में से जो पद अभी तक नहीं भरे गए, उनका परिणाम

चरणसंख्यातिथि
कुल विज्ञापित पद53,750विज्ञापन 19/2024
दस्तावेज़ सत्यापन हेतु शॉर्टलिस्ट45,41329 जून 2026
अंतिम अनुशंसा (List-2) में चयनित6,3397 अगस्त 2026
शेष पद (अनुमानित)लगभग 47,411न्यायालय के अधीन
यह अंतर क्यों है: 45,413 अभ्यर्थी केवल दस्तावेज़ सत्यापन के लिए शॉर्टलिस्ट हुए थे — वह अंतिम चयन नहीं था। 7 अगस्त की अंतिम अनुशंसा सूची में सचिवालय, RPSC एवं कुछ अधीनस्थ विभागों के लिए केवल 6,339 नाम भेजे गए। इसीलिए लगभग 47,411 पद अब भी खाली हैं।

विवाद की जड़ — शून्य अंक पर चयन

संक्षेप में: इस भर्ती में कोई न्यूनतम अर्हक अंक तय नहीं थे, इसलिए विधवा उप-श्रेणी में OBC, SC और ST की कट ऑफ मात्र 0.0033 अंक तक चली गई — जबकि सामान्य वर्ग को 146.3279 अंक चाहिए थे। यही असमानता याचिका का आधार बनी।

इस भर्ती में कोई न्यूनतम अर्हक अंक (minimum qualifying marks) तय नहीं थे। बोर्ड ने सिर्फ़ मेरिट के आधार पर चयन किया। नतीजा यह हुआ कि जिन उप-श्रेणियों में अभ्यर्थी बहुत कम थे, वहाँ लगभग शून्य अंक पाने वाले भी चुन लिए गए।

श्रेणी (विधवा उप-श्रेणी)कट ऑफ (200 में से)प्रतिशत
OBC — विधवा0.0033लगभग 0%
SC — विधवा0.0033लगभग 0%
ST — विधवा0.0033लगभग 0%
EWS — विधवा0.2585लगभग 0.1%
सामान्य — विधवा32.696416.3%
तुलना: सामान्य (पुरुष)146.327973.2%

यही तालिका पूरे मुक़दमे की जड़ है। एक तरफ़ सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी को 146 से ज़्यादा अंक चाहिए थे, दूसरी तरफ़ कुछ उप-श्रेणियों में 0.0033 अंक पर चयन हो गया।

शून्य कट ऑफ — यही विवाद की जड़ है 146.3279 बनाम 0.0033 — यही विवाद की जड़ है सामान्य (पुरुष) 146.3279 सामान्य — विधवा 32.6964 EWS — विधवा 0.2585 OBC / SC / ST — विधवा 0.0033 हाईकोर्ट: “पद चतुर्थ श्रेणी का ही सही, न्यूनतम मानक तो होना ही चाहिए”
200 अंकों की परीक्षा में लगभग शून्य अंक पर चयन — इसी पर याचिका दायर हुई।

एकलपीठ का आदेश — 22 मई 2026

संक्षेप में: 22 मई 2026 को राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस आनंद शर्मा ने विनोद कुमार की याचिका पर शून्य कट ऑफ वाली श्रेणियों की मेरिट सूचियाँ रद्द कर दीं और बोर्ड को न्यूनतम अंक तय करके नई सूची बनाने का निर्देश दिया। इससे लगभग 1,200 से अधिक चयन प्रभावित हुए।
बिंदुविवरण
न्यायालयराजस्थान उच्च न्यायालय — एकलपीठ
न्यायाधीशजस्टिस आनंद शर्मा
याचिकाकर्ताविनोद कुमार
याचिकाकर्ता के अधिवक्ताहरेंद्र नील
आदेशशून्य कट ऑफ वाली श्रेणियों की मेरिट सूचियाँ रद्द
निर्देशबोर्ड न्यूनतम अंक तय करके नई चयन सूची जारी करे
असरलगभग 1,200 से अधिक चयन प्रभावित

अदालत की मुख्य टिप्पणी थी कि पद चाहे चतुर्थ श्रेणी का ही क्यों न हो, सरकारी सेवा में नियुक्ति के लिए एक न्यूनतम मानक होना ज़रूरी है। शून्य या उसके आसपास अंक पाने वालों का चयन पूरी प्रक्रिया की गुणवत्ता और संवैधानिक वैधता पर सवाल खड़े करता है।

बोर्ड का तर्क था कि विज्ञापन में न्यूनतम अंक का प्रावधान ही नहीं था, इसलिए वह उसे बाद में नहीं जोड़ सकता। अदालत ने यह तर्क स्वीकार नहीं किया।

खंडपीठ की अंतरिम रोक — 25 जुलाई 2026

संक्षेप में: राज्य सरकार की विशेष अपील पर 25 जुलाई 2026 को जस्टिस इंद्रजीत सिंह एवं जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ ने एकलपीठ के आदेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी और प्रतिवादियों से छह सप्ताह में जवाब माँगा।

एकलपीठ के फ़ैसले से हज़ारों नियुक्तियाँ खतरे में आ गईं, इसलिए राज्य सरकार ने खंडपीठ में विशेष अपील दायर की।

बिंदुविवरण
पीठजस्टिस इंद्रजीत सिंह एवं जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ
तारीख25 जुलाई 2026
राज्य की ओर सेमहाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद
आदेशएकलपीठ के आदेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक
अगला कदमप्रतिवादियों को नोटिस — छह सप्ताह में जवाब
मतलबफ़िलहाल एकलपीठ के निर्देश लागू नहीं होंगे
✅ चयनित अभ्यर्थियों के लिए राहत: खंडपीठ की रोक का सीधा अर्थ यह है कि अभी किसी का चयन रद्द नहीं हो रहा। 29 जून वाली सूची पर तत्काल कोई खतरा नहीं है। लेकिन यह अंतरिम राहत है — अंतिम फ़ैसला अभी आना बाकी है।

अभी कानूनी स्थिति एक नज़र में

संक्षेप में: आज की स्थिति यह है कि मेरिट सूची रद्द नहीं है — खंडपीठ ने एकलपीठ के आदेश पर अंतरिम रोक लगा रखी है। पहले से अनुशंसित अभ्यर्थियों को विभागवार नियुक्तियाँ मिल रही हैं, जबकि शेष लगभग 47,411 पदों का परिणाम न्यायालय के अंतिम निर्णय के अधीन है।
📌 भ्रम दूर कीजिए: रुका हुआ सिर्फ़ शेष पदों का परिणाम है — नियुक्ति प्रक्रिया चालू है। जो अभ्यर्थी पहले ही अनुशंसित हो चुके हैं, उन्हें विभागवार नियुक्तियाँ मिल रही हैं (चिकित्सा विभाग 7,903 · शिक्षा विभाग 19,395 का जिला आवंटन · कृषि 460)। पूरी स्थिति जॉइनिंग पेज पर देखें।
सवालआज की स्थिति
क्या मेरिट सूची रद्द है?नहीं — एकलपीठ के आदेश पर रोक लगी है
क्या चयन सुरक्षित है?अंतरिम रूप से हाँ, अंतिम निर्णय के अधीन
क्या नियुक्ति पत्र मिल रहे हैं?हाँ — पहले से अनुशंसित अभ्यर्थियों को विभागवार मिल रहे हैं; शेष पदों की नियुक्ति न्यायालय के अधीन
क्या शेष परिणाम आ सकता है?बोर्ड अध्यक्ष के अनुसार यह न्यायालय से राहत मिलने पर निर्भर है
अगली सुनवाईपक्षकारों के जवाब के बाद — छह सप्ताह की अवधि 25 जुलाई से गिनी जाए तो सितंबर 2026 के आसपास

तीन संभावित नतीजे — और हर एक का असर

संक्षेप में: तीन संभावनाएँ हैं — खंडपीठ राज्य के पक्ष में फैसला दे तो मौजूदा सूची बनी रहेगी और शेष परिणाम जल्दी आएगा; एकलपीठ का आदेश सही ठहरे तो न्यूनतम अंक तय करके नई मेरिट सूची बनेगी; और मामला सुप्रीम कोर्ट गया तो प्रक्रिया और लंबी खिंचेगी।
परिस्थितिक्या होगाकिस पर असर
1. खंडपीठ राज्य के पक्ष मेंमौजूदा मेरिट सूची बनी रहेगी, शेष परिणाम एवं नियुक्तियाँ जल्दी शुरूचयनित अभ्यर्थियों के लिए सबसे अच्छा
2. खंडपीठ एकलपीठ के आदेश को सही ठहराएबोर्ड को न्यूनतम अंक तय करके नई मेरिट सूची बनानी होगीशून्य/कम अंक वालों का चयन जा सकता है; प्रतीक्षा में बैठे ज़्यादा अंक वालों को मौका
3. मामला सुप्रीम कोर्ट जाएप्रक्रिया और लंबी खिंचेगीसबके लिए और इंतज़ार

दूसरी परिस्थिति में जिन अभ्यर्थियों के अंक अच्छे हैं पर चयन नहीं हुआ, उनके लिए संभावना बनती है। इसी विषय पर विस्तार से प्रतीक्षा सूची वाले पेज पर लिखा गया है।

शेष परिणाम कब तक आ सकता है

संक्षेप में: शेष परिणाम की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं है। बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज के अनुसार यह न्यायालय से राहत मिलने पर ही जारी होगा। खंडपीठ ने 25 जुलाई से छह सप्ताह का समय दिया था, इसलिए अगली प्रभावी सुनवाई सितंबर 2026 के बाद अपेक्षित है।

कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं है। बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज का सार्वजनिक बयान यही रहा है कि शेष परिणाम जारी करना न्यायालय की कार्यवाही के नतीजे पर निर्भर है, और बोर्ड खंडपीठ से जल्द से जल्द राहत पाने का प्रयास कर रहा है।

चरणअनुमानित समय
पक्षकारों का जवाब25 जुलाई 2026 से छह सप्ताह — यानी सितंबर 2026 के प्रारंभ तक
अगली प्रभावी सुनवाईजवाब आने के बाद
निर्णयसुनवाई पूरी होने पर
शेष परिणामनिर्णय के बाद, बोर्ड की प्रक्रिया के अनुसार
⚠️ किसी भी “पक्की तारीख” पर भरोसा मत कीजिए। यूट्यूब और टेलीग्राम पर रोज़ “बैलेंस रिजल्ट इस तारीख को आएगा” जैसे दावे चलते हैं। जब मामला अदालत में लंबित हो, तब कोई तारीख पहले से तय नहीं की जा सकती। केवल rssb.rajasthan.gov.in की आधिकारिक सूचना ही प्रामाणिक है।

अभ्यर्थी अभी क्या करें — 5 काम

संक्षेप में: इंतज़ार करते हुए पाँच काम कीजिए — सभी मूल दस्तावेज़ व्यवस्थित रखें, समाप्त हो रहे प्रमाण पत्र नवीनीकृत कराएँ, 29 जून एवं 7 अगस्त की सूचियाँ डाउनलोड करके सुरक्षित रखें, SSO ID व मोबाइल नंबर सक्रिय रखें, और दूसरी भर्तियों की तैयारी जारी रखें।
  1. अपने सभी मूल दस्तावेज़ एक फ़ाइल में व्यवस्थित रखें — जाति, मूल निवास, आय एवं चरित्र प्रमाण पत्र की वैधता जाँच लें।
  2. जिन प्रमाण पत्रों की वैधता समाप्त हो रही हो, उन्हें अभी नवीनीकृत करा लें — फ़ैसला आने पर समय नहीं मिलेगा।
  3. 29 जून वाली संशोधित मेरिट सूची एवं कट ऑफ PDF डाउनलोड करके सुरक्षित रखें, स्क्रीनशॉट भी लें।
  4. अपना SSO ID और पंजीकृत मोबाइल नंबर सक्रिय रखें — बोर्ड की सूचनाएँ इन्हीं पर आती हैं।
  5. दूसरी भर्तियों की तैयारी बंद मत कीजिए — अदालती मामलों में समय-सीमा का कोई भरोसा नहीं होता।

Balance Result व कोर्ट केस — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. Rajasthan 4th Grade Balance Result क्यों रुका हुआ है?
क्योंकि इस भर्ती में न्यूनतम अर्हक अंक तय न होने के कारण कुछ श्रेणियों में लगभग शून्य अंक पर चयन हो गया था। इसी को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर हुई और मामला अभी न्यायालय में लंबित है।
2. कोर्ट का पहला फ़ैसला क्या था?
22 मई 2026 को जस्टिस आनंद शर्मा की एकलपीठ ने विनोद कुमार की याचिका पर शून्य कट ऑफ वाली श्रेणियों की मेरिट सूचियाँ रद्द कर दीं और बोर्ड को न्यूनतम अंक तय करके नई सूची बनाने का निर्देश दिया।
3. क्या मेरा चयन रद्द हो जाएगा?
अभी नहीं। 25 जुलाई 2026 को हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एकलपीठ के आदेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी है, यानी फ़िलहाल कोई चयन रद्द नहीं हो रहा। अंतिम स्थिति खंडपीठ के फ़ैसले से तय होगी।
4. खंडपीठ में कौन से जज सुनवाई कर रहे हैं?
जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ। राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने पक्ष रखा था।
5. शून्य कट ऑफ का मतलब क्या है?
कुछ उप-श्रेणियों (जैसे विधवा — OBC, SC, ST) में कट ऑफ 0.0033 अंक तक चली गई, जबकि सामान्य श्रेणी की कट ऑफ 146.3279 थी। यानी 200 अंकों की परीक्षा में लगभग शून्य अंक पर भी चयन हो गया।
6. कितने चयन प्रभावित हुए थे?
समाचार रिपोर्टों के अनुसार एकलपीठ के 22 मई वाले आदेश से लगभग 1,200 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन प्रभावित हुआ था। बाद में खंडपीठ की रोक से यह आदेश फ़िलहाल लागू नहीं है।
7. कितने पद अभी बाकी हैं?
कुल 53,750 पदों में से 7 अगस्त 2026 की अंतिम अनुशंसा सूची (List-2) में केवल 6,339 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। यानी लगभग 47,411 पद अब भी शेष हैं, जिनका परिणाम न्यायालय के निर्णय पर निर्भर है।
8. Balance Result की कोई तारीख तय है?
नहीं। बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज के अनुसार शेष परिणाम न्यायालय से राहत मिलने पर ही जारी होगा। जब मामला अदालत में हो, कोई तारीख पहले से घोषित नहीं की जा सकती।
9. अगली सुनवाई कब है?
खंडपीठ ने 25 जुलाई 2026 को प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए छह सप्ताह में जवाब माँगा था। इस हिसाब से जवाब सितंबर 2026 के प्रारंभ तक अपेक्षित है, उसके बाद ही अगली प्रभावी सुनवाई होगी।
10. अगर कोर्ट ने न्यूनतम अंक लागू करा दिए तो?
तब बोर्ड को न्यूनतम अंक तय करके नई मेरिट सूची बनानी होगी। इससे बहुत कम अंक वालों का चयन जा सकता है और उन अभ्यर्थियों को मौका मिल सकता है जिनके अंक अधिक थे पर चयन नहीं हुआ था।
11. क्या नियुक्ति पत्र मिल चुके हैं?
अंतिम संशोधित परिणाम स्पष्ट रूप से हाईकोर्ट में लंबित याचिकाओं के अंतिम निर्णय के अधीन घोषित किया गया है। नियुक्ति से जुड़ी कोई भी कार्रवाई न्यायालय के निर्णय के दायरे में ही होगी।
12. मेरा परिणाम Withheld क्यों है?
बोर्ड ने कुछ रोल नंबरों के परिणाम न्यायालय के आदेश तथा अनुचित साधनों (UFM) के मामलों के कारण रोके हैं। ऐसे अभ्यर्थियों का परिणाम संबंधित मामला निपटने के बाद जारी किया जाता है।
13. क्या इस भर्ती में दोबारा परीक्षा होगी?
अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं है। विवाद मेरिट सूची और न्यूनतम अंक को लेकर है, परीक्षा की शुचिता को लेकर नहीं। इसलिए दोबारा परीक्षा की संभावना कम मानी जा रही है।
14. सही जानकारी कहाँ से देखें?
केवल rssb.rajasthan.gov.in के “Press Note / Results” सेक्शन से। यूट्यूब, टेलीग्राम या व्हाट्सएप पर चल रहे तारीख के दावों पर भरोसा न करें — अदालत में लंबित मामले में कोई तारीख पहले से तय नहीं होती।
15. इंतज़ार करते हुए क्या करना चाहिए?
अपने सभी मूल दस्तावेज़ तैयार एवं वैध रखें, 29 जून वाली मेरिट सूची और कट ऑफ PDF सुरक्षित रखें, SSO ID व मोबाइल नंबर सक्रिय रखें, और दूसरी भर्तियों की तैयारी जारी रखें

निष्कर्ष (Conclusion)

पूरा मामला एक ही सवाल पर टिका है — क्या सरकारी नौकरी के लिए न्यूनतम अंक ज़रूरी हैं? एकलपीठ ने कहा हाँ, राज्य सरकार ने चुनौती दी, और खंडपीठ ने फ़िलहाल एकलपीठ के आदेश पर रोक लगा रखी है।

चयनित अभ्यर्थियों के लिए राहत की बात यह है कि अभी किसी का चयन रद्द नहीं हो रहा। जिनका चयन नहीं हुआ, उनके लिए उम्मीद तभी बनती है जब खंडपीठ न्यूनतम अंक वाले आदेश को सही ठहराए।

तब तक सबसे समझदारी की बात यही है — दस्तावेज़ तैयार रखिए, आधिकारिक वेबसाइट देखते रहिए, और अफ़वाहों से दूर रहिए।

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अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख समाचार रिपोर्टों एवं सार्वजनिक जानकारी पर आधारित है, कोई कानूनी सलाह नहीं है। न्यायालय की स्थिति कभी भी बदल सकती है। आधिकारिक जानकारी के लिए rssb.rajasthan.gov.in देखें।

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