Rajasthan 4th Grade Salary, Joining और Posting 2026

Rajasthan 4th Grade Salary 2026 - RSSB Group D In-Hand Salary Joining Posting Details
🔄 Last Updated: 02 सितम्बर 2026  |  📖 पढ़ने का समय: 9 मिनट
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🔴 ताज़ा अपडेट — 02 सितम्बर 2026: नियुक्तियाँ शुरू — चिकित्सा विभाग 7,903 · शिक्षा विभाग 19,395 जिला आवंटन · कृषि विभाग 460। पुलिस में 555 अभ्यर्थियों की पोस्टिंग सितंबर 2026 के पहले सप्ताह में अपेक्षित।
ताज़ा स्थिति (अगस्त 2026): नियुक्तियाँ विभागवार शुरू हो चुकी हैं — चिकित्सा विभाग में 7,903, शिक्षा विभाग में 19,395 का जिला आवंटन, कृषि विभाग में 460। पुलिस में 555 की पोस्टिंग सितंबर 2026 में अपेक्षित।

सबसे ज़रूरी बात जो कोई नहीं बताता: चयन के बाद पहले दो साल तक आपको ₹18,000 बेसिक नहीं मिलेगा। परिवीक्षा काल में सिर्फ़ निश्चित मानदेय ₹12,400 प्रति माह मिलता है — न DA, न HRA, न कोई भत्ता। पूरा वेतन (लगभग ₹27,000–31,000 हाथ में) परिवीक्षा सफलतापूर्वक पूरी होने के बाद शुरू होता है।
चतुर्थ श्रेणी वेतन — परिवीक्षा बनाम नियमित दो साल पहले और दो साल बाद — वेतन में अंतर परिवीक्षा काल (0–2 वर्ष) ₹12,400 निश्चित मानदेय / माह ✗ DA नहीं    ✗ HRA नहीं ✗ कोई अन्य भत्ता नहीं हाथ में लगभग ₹11,200 – ₹11,500 परिवीक्षा के बाद (नियमित) ₹27,000–31,000 हाथ में / माह ✓ मूल वेतन ₹17,700+   ✓ DA ✓ HRA   ✓ चिकित्सा व अन्य लाभ पे मैट्रिक्स लेवल-1 (₹17,700 – ₹56,900)
यही वह फ़र्क है जिसकी वजह से कुछ अभ्यर्थी जॉइन करके भी नौकरी छोड़ देते हैं।

Rajasthan 4th Grade Salary — एक नज़र में

संक्षेप में: राजस्थान चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पे मैट्रिक्स लेवल-1 में आते हैं, जिसमें ग्रेड पे ₹1,700 है। परिवीक्षा के दो साल तक निश्चित ₹12,400 मासिक मानदेय मिलता है और उसके बाद मूल वेतन ₹17,700 से शुरू होकर हाथ में लगभग ₹27,000 से ₹31,000 आते हैं।
विवरणजानकारी
वेतन मैट्रिक्सपे मैट्रिक्स लेवल-1 (L-1)
पे बैंडPB-1 : ₹5,200 – 20,200
ग्रेड पे₹1,700
परिवीक्षा में मानदेय₹12,400 प्रति माह (निश्चित)
परिवीक्षा अवधि2 वर्ष
परिवीक्षा के बाद मूल वेतनलगभग ₹17,700 से शुरू
अधिकतम वेतनलगभग ₹56,900 तक
अनुमानित सकल वेतन₹31,000 – ₹34,000
अनुमानित हाथ में वेतन₹27,000 – ₹31,000
वेतन आयोग7वाँ वेतन आयोग (राज्य पे मैट्रिक्स)

परिवीक्षा काल — दो साल की असली हक़ीक़त

संक्षेप में: परिवीक्षा अवधि दो वर्ष की होती है और इस दौरान केवल निश्चित ₹12,400 मानदेय मिलता है — कोई DA, HRA, अन्य भत्ता या वार्षिक वेतनवृद्धि नहीं। हाथ में लगभग ₹11,200 से ₹11,500 आते हैं। संतोषजनक सेवा पर स्थायीकरण होता है।

राजस्थान सेवा नियमों के तहत नए सीधी भर्ती वाले कर्मचारियों को दो वर्ष की परिवीक्षा पर रखा जाता है। इस दौरान नियमित वेतनमान नहीं, बल्कि निश्चित मानदेय मिलता है।

बिंदुपरिवीक्षा काल में
मासिक मानदेय₹12,400 (निश्चित)
महँगाई भत्ता (DA)❌ नहीं
मकान किराया भत्ता (HRA)❌ नहीं
अन्य भत्ते❌ नहीं
वार्षिक वेतनवृद्धि❌ नहीं
हाथ में लगभग₹11,200 – ₹11,500
अवधि2 वर्ष
उसके बादसंतोषजनक सेवा पर स्थायीकरण एवं पूरा वेतनमान
⚠️ यही वह बात है जो ज़्यादातर वेबसाइट नहीं बतातीं। हर जगह “चतुर्थ श्रेणी की सैलरी ₹18,000 से शुरू” लिखा मिलता है, पर पहले दो साल हाथ में लगभग ₹11,000 ही आते हैं। घर से दूर पोस्टिंग होने पर यह रकम बहुत कम पड़ती है — जॉइन करने से पहले यह गणित समझ लीजिए।

परिवीक्षा के बाद — पूरा वेतन हिसाब

संक्षेप में: स्थायीकरण के बाद मूल वेतन ₹17,700, DA लगभग 55–60% और HRA 8–20% मिलाकर सकल वेतन ₹30,000 से ₹34,000 बनता है। पेंशन अंशदान एवं बीमा की कटौती के बाद हाथ में लगभग ₹27,000 से ₹31,000 आते हैं।

स्थायीकरण के बाद पूरा वेतनमान लागू होता है। मोटा अनुमान इस तरह बनता है —

घटकगणनाअनुमानित राशि
मूल वेतनलेवल-1 का प्रारंभिक₹17,700
महँगाई भत्ता (DA)मूल वेतन का लगभग 55–60%₹9,700 – ₹10,600
मकान किराया भत्ता (HRA)शहर वर्ग के अनुसार 8–20%₹1,400 – ₹3,500
अन्य भत्तेचिकित्सा आदि₹1,000 के आसपास
सकल वेतन₹30,000 – ₹34,000
कटौतियाँNPS/पेंशन अंशदान, बीमा आदि₹2,800 – ₹3,500
हाथ में वेतन₹27,000 – ₹31,000
📌 आँकड़े क्यों अलग-अलग दिखते हैं: DA की दर हर छह महीने में बदलती है और HRA पोस्टिंग वाले शहर पर निर्भर करता है। इसीलिए एक वेबसाइट ₹27,000 बताती है और दूसरी ₹31,000 — दोनों गलत नहीं होतीं, बस मान्यताएँ अलग होती हैं। सटीक राशि आपकी पहली वेतन पर्ची से ही पता चलेगी।

HRA — पोस्टिंग के शहर से कितना फ़र्क पड़ता है

संक्षेप में: HRA पोस्टिंग वाले शहर के वर्ग पर निर्भर करता है — जयपुर, जोधपुर और कोटा जैसे बड़े शहरों (Y वर्ग) में लगभग 16 से 20 प्रतिशत और छोटे शहरों (Z वर्ग) में 8 से 10 प्रतिशत। सरकारी आवास मिलने पर HRA नहीं मिलता।
शहर वर्गउदाहरणHRA दर (लगभग)मूल ₹17,700 पर
Y वर्गजयपुर, जोधपुर, कोटा जैसे बड़े शहर16 – 20%₹2,830 – ₹3,540
Z वर्गछोटे शहर एवं कस्बे8 – 10%₹1,420 – ₹1,770
सरकारी आवास मिलने परHRA नहीं₹0

यानी जयपुर और किसी छोटे कस्बे की पोस्टिंग में हर महीने लगभग ₹1,500 – ₹2,000 का फ़र्क पड़ जाता है।

पे मैट्रिक्स लेवल-1 — वेतन कैसे बढ़ता है

संक्षेप में: परिवीक्षा के दो साल निश्चित ₹12,400 के बाद नियमित वेतन शुरू होता है और हाथ में ₹27,000 से ₹31,000 आते हैं। नौ वर्ष पर पहली ACP से यह ₹32,000–36,000 और अठारह वर्ष पर दूसरी ACP से ₹40,000–46,000 तक पहुँच जाता है।
सेवा अवधिस्थितिअनुमानित मूल वेतनअनुमानित हाथ में
0 – 2 वर्षपरिवीक्षानिश्चित ₹12,400₹11,200 – ₹11,500
2 – 9 वर्षनियमित, लेवल-1₹17,700 से आगे₹27,000 – ₹31,000
9 वर्ष परपहली ACP → लेवल-2बढ़ा हुआ₹32,000 – ₹36,000
18 वर्ष परदूसरी ACPऔर बढ़ा हुआ₹40,000 – ₹46,000
सेवा के अंत तकलेवल-1 की अधिकतम सीमालगभग ₹56,900 तक

हर साल लगभग 3% की वार्षिक वेतनवृद्धि लगती है और साल में दो बार DA संशोधित होता है — इन्हीं दोनों से वेतन धीरे-धीरे बढ़ता है।

सेवा अवधि के साथ वेतन कैसे बढ़ता है सेवा के साथ हाथ में वेतन कैसे बढ़ता है ₹11,200 0–2 वर्ष परिवीक्षा ₹27,000 से ₹31,000 2–9 वर्ष नियमित लेवल-1 ₹32,000 से ₹36,000 9 वर्ष पर पहली ACP ₹40,000 से ₹46,000 18 वर्ष पर दूसरी ACP
ACP बिना परीक्षा, सिर्फ़ सेवा अवधि के आधार पर मिलती है। LDC/पटवारी पास करने पर छलाँग और बड़ी होती है।

जॉइनिंग की प्रक्रिया — कदम दर कदम

संक्षेप में: नियुक्ति पत्र मिलने के बाद तय तिथि तक कार्यालय में उपस्थित होकर सरकारी चिकित्सक का स्वस्थता प्रमाण पत्र, मूल दस्तावेज़ एवं कार्यभार ग्रहण रिपोर्ट जमा करनी होती है। सेवा पुस्तिका खुलने के साथ ही दो वर्ष की परिवीक्षा शुरू हो जाती है।
  1. अंतिम मेरिट सूची में नाम आने के बाद नियुक्ति पत्र जारी होता है, जिसमें विभाग एवं कार्यालय का नाम लिखा होता है।
  2. नियुक्ति पत्र में दी गई अंतिम तिथि तक संबंधित कार्यालय में उपस्थित होना अनिवार्य है।
  3. चिकित्सा स्वस्थता प्रमाण पत्र बनवाएँ — सरकारी चिकित्सक द्वारा जारी।
  4. कार्यालय में सभी मूल दस्तावेज़ एवं छायाप्रतियाँ जमा कर कार्यभार ग्रहण रिपोर्ट (Joining Report) दें।
  5. सेवा पुस्तिका खुलवाएँ, कर्मचारी आईडी, पेंशन खाता एवं बैंक विवरण दर्ज कराएँ।
  6. यहीं से दो वर्ष की परिवीक्षा शुरू होती है और निश्चित मानदेय मिलना आरंभ होता है।

चयन से कार्यग्रहण तक — पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया

संक्षेप में: चयन के बाद सीधे नियुक्ति नहीं मिलती। क्रम है — चयन → विभाग आवंटन → जिला आवंटन → नियुक्ति आदेश → पदस्थापन → कार्यग्रहण। विभाग आवंटन प्रशासनिक सुधार विभाग करता है, उसके बाद हर विभाग अपनी अलग काउंसलिंग एवं नियुक्ति प्रक्रिया चलाता है।
क्रमचरणसरल अर्थकौन करता है
1चयनमेरिट सूची में नाम आनाRSSB
2विभाग आवंटनकौन सा विभाग मिलेगा — शिक्षा, चिकित्सा, कृषि, पुलिस आदिप्रशासनिक सुधार विभाग
3जिला आवंटनविभाग के भीतर कौन सा जिला मिलेगासंबंधित विभाग
4काउंसलिंगविद्यालय/कार्यालय की वरीयता भरनाजिला स्तर पर
5नियुक्ति आदेशसक्षम अधिकारी की औपचारिक स्वीकृतिनियुक्ति अधिकारी
6कार्यग्रहणआवंटित पद पर वास्तव में जॉइन करनाअभ्यर्थी स्वयं
⚠️ सबसे बड़ी ग़लतफ़हमी: जिला आवंटन सूची नियुक्ति आदेश नहीं होती। उसमें सिर्फ़ जिला लिखा होता है — न विद्यालय का नाम, न कार्यालय, न कार्यग्रहण की तारीख। जिला आवंटन के बाद अलग से काउंसलिंग होती है, फिर नियुक्ति आदेश आता है। जिला मिलते ही स्कूल पहुँच जाना गलती है।

विभागवार नियुक्ति की स्थिति — कहाँ तक पहुँचा

संक्षेप में: नियुक्तियाँ एक साथ नहीं, विभागवार अलग-अलग हो रही हैं। शिक्षा विभाग में जुलाई 2026 में 19,395 अभ्यर्थियों का जिला आवंटन हुआ, चिकित्सा विभाग ने 7,903 को नियुक्ति दी, कृषि विभाग ने 460 को, और पुलिस में 555 अभ्यर्थियों की पोस्टिंग सितंबर 2026 में अपेक्षित है।
विभागअभ्यर्थीस्थितिपोर्टल
शिक्षा विभाग19,395
(16,411 गैर-TSP + 2,984 TSP)
जिला आवंटन जुलाई 2026 में पूर्ण, जिला स्तर पर काउंसलिंग के बाद नियुक्ति आदेशशाला दर्पण
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य7,903
(7,078 गैर-TSP + 825 TSP)
10 अगस्त 2026 को नियुक्ति एवं पदस्थापन आदेश जारीराजहेल्थ
कृषि विभाग460
(428 गैर-TSP + 32 TSP)
10–12 अगस्त 2026 को जयपुर में इन-पर्सन काउंसलिंग, नियुक्ति आदेश जारीकृषि आयुक्तालय
राजस्थान पुलिस555
(527 गैर-TSP + 28 TSP)
सूची पुलिस मुख्यालय को भेजी गई, पोस्टिंग सितंबर 2026 के पहले सप्ताह में अपेक्षितपुलिस मुख्यालय
राजस्व मंडलजिला आवंटन सूची 14 अगस्त, नियुक्ति आदेश 18 अगस्त 2026landrevenue.rajasthan.gov.in
सचिवालय / RPSCList-2 में शामिल7 अगस्त 2026 की अंतिम अनुशंसा सूची के अनुसारसंबंधित कार्यालय

शिक्षा विभाग की जिला आवंटन एवं काउंसलिंग टाइमलाइन

संक्षेप में: माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर के कैलेंडर के अनुसार जिला विकल्प 17–21 जुलाई 2026 तक भरे गए, जिला आवंटन 22–23 जुलाई को हुआ, जिला स्तर पर काउंसलिंग 27–30 जुलाई तक चली और नियुक्ति आदेश 30–31 जुलाई 2026 तक जारी किए गए।
क्रमकार्यतिथि
1जिला आवंटन हेतु ऑनलाइन विकल्प भरना17 – 21 जुलाई 2026
2अभ्यर्थियों को जिला आवंटित करना22 – 23 जुलाई 2026
3जिलों को आवेदन भेजना, काउंसलिंग की तैयारी24 – 25 जुलाई 2026
4जिला स्तर पर काउंसलिंग (शाला दर्पण)27 – 30 जुलाई 2026
5अभिलेख परीक्षण एवं नियुक्ति आदेश30 – 31 जुलाई 2026

जिला आवंटन जिला विकल्पों की वरीयता, मेरिट क्रम और उस जिले में उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर हुआ। पहली पसंद वाला जिला मिलना अनिवार्य नहीं था — पहला विकल्प न मिलना अपने आप में आवंटन की त्रुटि नहीं मानी जाती।

नियुक्ति आदेश एवं जिला आवंटन सूची कैसे देखें

संक्षेप में: पहले जानिए कि आपको कौन सा विभाग आवंटित हुआ है, फिर उसी विभाग का पोर्टल खोलिए — शिक्षा के लिए शाला दर्पण, चिकित्सा के लिए राजहेल्थ। अपने जिले एवं क्षेत्र वाली PDF डाउनलोड करके Ctrl + F से रोल नंबर खोजिए।
  1. पहले जानिए आपको कौन सा विभाग आवंटित हुआ है — यह प्रशासनिक सुधार विभाग की सूची से पता चलता है।
  2. शिक्षा विभाग वाले शाला दर्पण पोर्टल (rajshaladarpan.rajasthan.gov.in) खोलें; चिकित्सा विभाग वाले राजहेल्थ पोर्टल पर लॉगिन करें।
  3. “चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती-2024” से जुड़ा जिला आवंटन / नियुक्ति आदेश वाला लिंक चुनें।
  4. अपने जिले या क्षेत्र (TSP / गैर-TSP) वाली PDF डाउनलोड करें — सूची सैकड़ों पन्नों की होती है।
  5. PDF में Ctrl + F दबाकर पहले रोल नंबर, फिर आवेदन संख्या से खोजें।
  6. नाम मिलने पर आवंटित जिला, पदस्थापन स्थल एवं कार्यग्रहण की अंतिम तिथि नोट करें और PDF सुरक्षित रखें।

विस्तार से देखिए — जिला आवंटन सूची कैसे देखें तथा जिलेवार नियुक्ति आदेश Download करने की प्रक्रिया

⏰ कार्यग्रहण की समय-सीमा — सबसे ज़रूरी चेतावनी: नियुक्ति आदेश में कार्यग्रहण की अंतिम तिथि लिखी होती है। जैसे चिकित्सा विभाग ने 10 अगस्त 2026 को आदेश जारी किए और कार्यग्रहण की अंतिम तिथि 24 अगस्त 2026 रखी। निर्धारित अवधि में कार्यग्रहण न करने पर नियुक्ति आदेश स्वतः निरस्त मान लिया जाता है — कोई सुनवाई नहीं होती।

पोस्टिंग कहाँ मिलती है

संक्षेप में: विभाग एवं जिला मेरिट, वरीयता और रिक्तियों के आधार पर तय होता है — शिक्षा, चिकित्सा, राजस्व एवं पंचायती राज जैसे विभागों में। TSP क्षेत्र से चयनित अभ्यर्थियों की पदस्थापन सामान्यतः अनुसूचित क्षेत्र में ही होती है।
बिंदुव्यवहार में
विभाग आवंटनमेरिट एवं वरीयता के आधार पर — शिक्षा, चिकित्सा, राजस्व, पंचायती राज आदि
जिलाअधिकतर अपने ही जिले या संभाग में, रिक्तियों के अनुसार
क्षेत्रTSP क्षेत्र वालों की पोस्टिंग सामान्यतः अनुसूचित क्षेत्र में
महिला अभ्यर्थीनियमानुसार गृह जिले को वरीयता दिए जाने का प्रावधान
स्थानांतरणपरिवीक्षा पूरी होने के बाद ही संभव

पद के नाम अलग-अलग हो सकते हैं — चपरासी, कार्यालय सहायक, माली, चौकीदार, सफाईकर्मी — पर वेतनमान सभी का लेवल-1 ही रहता है।

पदोन्नति और ACP — आगे का रास्ता

संक्षेप में: सुनिश्चित कैरियर प्रगति (ACP) के तहत 9, 18 एवं 27 वर्ष की सेवा पर बिना परीक्षा अगला वेतनमान मिलता है। इसके अलावा वरिष्ठता के आधार पर विभागीय पदोन्नति और LDC या पटवारी जैसी परीक्षा देकर लेवल-5/लेवल-6 तक पहुँचा जा सकता है।
रास्ताकैसेअनुमानित समय
ACP (सुनिश्चित कैरियर प्रगति)बिना परीक्षा, केवल सेवा अवधि के आधार पर अगला वेतनमान9, 18 एवं 27 वर्ष पर
विभागीय पदोन्नतिवरिष्ठता एवं रिक्ति के आधार पर कनिष्ठ सहायक आदि पद तक8 – 15 वर्ष
विभागीय परीक्षायोग्यता पूरी होने पर LDC/कनिष्ठ सहायक की परीक्षापात्रता पर निर्भर
सीधी भर्तीनौकरी करते हुए LDC/पटवारी जैसी परीक्षाएँ देनाकभी भी
✅ व्यावहारिक सलाह: जॉइन करने के बाद पढ़ाई मत छोड़िए। चतुर्थ श्रेणी में स्थायी नौकरी की सुरक्षा तो मिल जाती है, पर वेतन में बड़ी छलाँग तभी आती है जब आप LDC या पटवारी जैसी लेवल-5/लेवल-6 की परीक्षा पास कर लें — वहाँ हाथ में वेतन ₹38,000 से ₹50,000 तक पहुँच जाता है।

वेतन के अलावा क्या-क्या मिलता है

संक्षेप में: वेतन के अलावा राज्य कर्मचारी एवं परिवार के लिए चिकित्सा सुविधा, आकस्मिक एवं अर्जित अवकाश, महिलाओं के लिए मातृत्व अवकाश, पेंशन अंशदान, लगभग 3 प्रतिशत वार्षिक वेतनवृद्धि, साल में दो बार DA संशोधन और स्थायीकरण के बाद पूर्ण सेवा सुरक्षा मिलती है।
लाभविवरण
चिकित्सा सुविधाराज्य कर्मचारी एवं परिवार के लिए
अवकाशआकस्मिक, अर्जित एवं चिकित्सा अवकाश
मातृत्व अवकाशमहिला कर्मचारियों के लिए नियमानुसार
पेंशन/अंशदानराज्य की प्रचलित पेंशन योजना के अनुसार
वार्षिक वेतनवृद्धिलगभग 3% प्रतिवर्ष
DA संशोधनवर्ष में दो बार
सेवा सुरक्षास्थायीकरण के बाद पूर्ण
ऋण सुविधाबैंकों से आसान शर्तों पर

वेतन व जॉइनिंग — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. Rajasthan 4th Grade की सैलरी कितनी है?
परिवीक्षा के पहले दो साल निश्चित ₹12,400 प्रति माह मिलते हैं। उसके बाद पे मैट्रिक्स लेवल-1 लागू होता है और DA-HRA मिलाकर हाथ में लगभग ₹27,000 से ₹31,000 आते हैं।
2. परिवीक्षा काल कितने साल का होता है?
दो वर्ष। इस दौरान केवल निश्चित मानदेय मिलता है — DA, HRA या कोई अन्य भत्ता नहीं। संतोषजनक सेवा पर स्थायीकरण होता है और फिर पूरा वेतनमान लागू होता है।
3. परिवीक्षा में हाथ में कितने पैसे आते हैं?
₹12,400 के निश्चित मानदेय में से मामूली कटौतियों के बाद लगभग ₹11,200 से ₹11,500 हाथ में आते हैं।
4. पे मैट्रिक्स लेवल क्या है?
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लेवल-1 (L-1) में आते हैं — पे बैंड ₹5,200–20,200, ग्रेड पे ₹1,700। मूल वेतन लगभग ₹17,700 से शुरू होकर ₹56,900 तक जाता है।
5. ग्रेड पे कितना है?
₹1,700। यह पुरानी व्यवस्था का शब्द है, पर आज भी भत्तों की गणना समझाने के लिए इस्तेमाल होता है। 7वें वेतन आयोग में इसकी जगह पे मैट्रिक्स लेवल ने ले ली है।
6. HRA कितना मिलता है?
पोस्टिंग वाले शहर के वर्ग पर निर्भर — बड़े शहरों (Y वर्ग) में लगभग 16–20% और छोटे शहरों (Z वर्ग) में 8–10%। सरकारी आवास मिलने पर HRA नहीं मिलता।
7. हर वेबसाइट अलग सैलरी क्यों बताती है?
क्योंकि DA की दर हर छह महीने में बदलती है और HRA शहर के हिसाब से अलग होता है। कुछ वेबसाइट परिवीक्षा का मानदेय बताती हैं, कुछ स्थायीकरण के बाद का वेतन — इसीलिए आँकड़े अलग दिखते हैं।
8. वेतन में कितना बढ़ोतरी होती है?
हर साल लगभग 3% की वार्षिक वेतनवृद्धि और साल में दो बार DA संशोधन। इसके अलावा 9, 18 और 27 वर्ष की सेवा पर ACP के तहत अगला वेतनमान मिल जाता है।
9. जॉइनिंग के लिए क्या-क्या चाहिए?
नियुक्ति पत्र, सभी मूल दस्तावेज़ एवं छायाप्रतियाँ, सरकारी चिकित्सक का स्वस्थता प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज़ फोटो और बैंक खाते का विवरण।
10. पोस्टिंग कहाँ मिलेगी?
विभाग एवं जिला मेरिट, वरीयता और रिक्तियों के आधार पर तय होता है — शिक्षा, चिकित्सा, राजस्व, पंचायती राज जैसे विभागों में। TSP क्षेत्र से चयनित अभ्यर्थियों की पोस्टिंग सामान्यतः अनुसूचित क्षेत्र में ही होती है।
11. क्या परिवीक्षा में तबादला हो सकता है?
सामान्यतः नहीं। स्थानांतरण की पात्रता परिवीक्षा अवधि पूरी होने के बाद ही बनती है।
12. पदोन्नति कैसे मिलती है?
दो रास्ते हैं — ACP (केवल सेवा अवधि के आधार पर 9, 18, 27 वर्ष पर अगला वेतनमान) और विभागीय पदोन्नति (वरिष्ठता एवं रिक्ति के आधार पर कनिष्ठ सहायक आदि पद तक)।
13. क्या नौकरी करते हुए दूसरी परीक्षा दे सकते हैं?
हाँ, विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेकर। कई कर्मचारी इसी तरह LDC या पटवारी बनकर लेवल-5/लेवल-6 तक पहुँच जाते हैं, जहाँ वेतन काफ़ी अधिक होता है।
14. Rajasthan 4th Grade की जॉइनिंग कब होगी?
जॉइनिंग विभागवार अलग-अलग हो रही है। चिकित्सा विभाग ने 10 अगस्त 2026 को आदेश जारी किए और कार्यग्रहण की अंतिम तिथि 24 अगस्त 2026 रखी। शिक्षा विभाग में नियुक्ति आदेश 31 जुलाई 2026 तक जारी हुए। पुलिस में पोस्टिंग सितंबर 2026 के पहले सप्ताह में अपेक्षित है।
15. चतुर्थ श्रेणी और LDC की सैलरी में कितना फ़र्क है?
चतुर्थ श्रेणी लेवल-1 में है (हाथ में लगभग ₹27,000–31,000), जबकि LDC/कनिष्ठ सहायक लेवल-5 में आते हैं जहाँ हाथ में वेतन लगभग ₹38,000 से ₹44,000 तक होता है।
16. जिला आवंटन सूची कैसे देखें?
शिक्षा विभाग वाले शाला दर्पण पोर्टल और चिकित्सा विभाग वाले राजहेल्थ पोर्टल पर देखें। PDF खोलकर Ctrl + F से पहले रोल नंबर, फिर आवेदन संख्या खोजें। शिक्षा विभाग की जिला आवंटन PDF लगभग 465 पन्नों की थी।
17. क्या जिला आवंटन सूची ही नियुक्ति आदेश है?
नहीं। जिला आवंटन सूची में सिर्फ़ जिला लिखा होता है — विद्यालय या कार्यालय का नाम, पदस्थापन स्थल और कार्यग्रहण की तारीख नहीं होती। उसके बाद अलग से काउंसलिंग होती है और तब नियुक्ति आदेश जारी होता है।
18. विभाग किसने आवंटित किया?
प्रशासनिक सुधार विभाग ने चयनित अभ्यर्थियों को शिक्षा, चिकित्सा, कृषि, पुलिस, राजस्व मंडल जैसे विभाग आवंटित किए। उसके बाद हर विभाग अपनी अलग जिला आवंटन एवं काउंसलिंग प्रक्रिया चलाता है।
19. पहली पसंद वाला जिला नहीं मिला, क्या करें?
यह सामान्य है। जिला आवंटन आपके विकल्पों की वरीयता, मेरिट क्रम और उस जिले की रिक्तियों — तीनों के आधार पर होता है। पहली पसंद न मिलना अपने आप में आवंटन की त्रुटि नहीं मानी जाती।
20. कार्यग्रहण न करें तो क्या होगा?
नियुक्ति आदेश में दी गई अंतिम तिथि तक कार्यग्रहण न करने पर आदेश स्वतः निरस्त मान लिया जाता है। जैसे चिकित्सा विभाग ने 24 अगस्त 2026 की समय-सीमा दी थी। इसके बाद कोई सुनवाई नहीं होती।
21. काउंसलिंग में कौन से दस्तावेज़ ले जाएँ?
सभी मूल दस्तावेज़ एवं उनकी छायाप्रतियाँ — 10वीं की अंकतालिका, जाति एवं मूल निवास प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र, दिव्यांगता प्रमाण पत्र (यदि लागू) और नियुक्ति/आवंटन सूची का प्रिंट। विभाग की सूचना में माँगे गए दस्तावेज़ ही मान्य होते हैं।

निष्कर्ष (Conclusion)

चतुर्थ श्रेणी की नौकरी में सबसे बड़ी ग़लतफ़हमी वेतन को लेकर ही होती है। सच यह है कि पहले दो साल कठिन होते हैं — निश्चित ₹12,400 में घर चलाना आसान नहीं, ख़ासकर तब जब पोस्टिंग दूसरे जिले में हो।

लेकिन दो साल बाद तस्वीर बदल जाती है — हाथ में ₹27,000 से ₹31,000, पूरी सेवा सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा और नियमित वेतनवृद्धि।

और सबसे अच्छी रणनीति यही है — जॉइन कीजिए, नौकरी की सुरक्षा ले लीजिए, पर पढ़ाई जारी रखिए। LDC या पटवारी की परीक्षा पास करते ही आपका वेतन लगभग डेढ़ गुना हो जाएगा।

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अस्वीकरण (Disclaimer): वेतन के आँकड़े राजस्थान पे मैट्रिक्स एवं प्रचलित DA/HRA दरों पर आधारित अनुमान हैं। वास्तविक राशि पोस्टिंग, शहर वर्ग एवं समय-समय पर होने वाले संशोधनों पर निर्भर करेगी। आधिकारिक जानकारी के लिए वित्त विभाग, राजस्थान एवं rssb.rajasthan.gov.in देखें।

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